सिवनी मालवा

पुरात्तत्व विभाग के अधीन है 18 वी शताब्दी में बना छत्री मंदिर, भक्तों के लिए बना है आस्था का केंद्र

सिवनी मालवा. भगवान शंकर का महापर्व महाशिवरात्रि आ रही है इस दिन भक्त शिव मंदिरों में जाकर अपने आराध्य देव भगवान शंकर से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं और अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना करते हैं। नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा में भगवान शंकर और उनकी आस्था से जुड़े कई ऐसे प्राचीन शिवालय हैं जिनका इतिहास कई शताब्दी पुराना है।

सिवनी मालवा तहसील में ऐसा ही एक भगवान शिव का मन्दिर नगर के मध्य स्थित है जिसे लोग छत्री मंदिर के नाम से जानते है। छत्री मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। छत्री मंदिर 18वी शताब्दी का बताया जाता है जो की पुरात्तत्व विभाग के अधीन है। छत्री मंदिर स्थित महादेव के दर्शन के लिए सैकड़ों से अधिक की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना करते है। इस मंदिर का इतिहास सालों पुराना है। यह शिव मंदिर अत्यंत प्राचीन है वहीं, स्थानीय लोगों द्वारा बताया जाता है कि 18 वी शताब्दी में इसका निर्माण कराया गया था।

जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से आते हैं भक्त
छत्री महादेव मंदिर के बारे में जानकार बताते है की छत्री मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस धाम पर शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। कहते है सच्चे मन से भक्त जो भी मुरादे लेकर आते हैं, उसे महादेव पूरा करते है। छत्री मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन होने के चलते इस मंदिर में किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। परन्तु उसके बाद भी त्यौहार पर बड़ी संख्या में भक्त यहाँ पूजन अर्चन करने के लिए पहुँचते है।

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