मीजल्स रूबैला टीकाकरण अभियान 14 नवंबर से

नर्मदापुरम । मीजल्स एक जानलेवा बीमारी है जो खांसने और छींकने से एक बीमार बच्चे से दूसरे बच्चे में फैलता है, बच्चे को निमोनिया, दस्त, दिमागी संक्रमण जैसी जीवन के घातक जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बना सकता है, बच्चे में बुखार, शरीर पर लाल दाने, नाक बहना , आंख आना आदि लक्षण इसकी पहचान होती है, बीमारी संक्रमण बच्चे की खांसी के ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलती है एवं इसके लक्षण 7 से 14 दिनों में दिखाई देते हैं ।
11 नवंबर को जिला प्रशिक्षण केंद्र नर्मदापुरम में इस अभियान की कार्यशाला आयोजित हुई जिसमे जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ नलिनी गौड ने बताया कि मीजल्स रूबेला जैसी घातक बीमारियों से बचाव के लिए जिले में 14 नवंबर से टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को पहला टीका 9 माह से 12 माह में और दूसरा टीका 16 से 24 माह की आयु वाले बच्चो को टीका लगाए जाएंगे। जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि 80% बच्चो को टीका लगा देते हैं तो महामारी पर नियंत्रण हो जाता है। यदि 95% टीकाकरण कर दिया जाए तो बीमारी का निर्मूलन संभव है। मीजल्स टीकाकरण अभियान स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जाएंगे जिस हेतु व्यापक स्तर पर सर्वे से प्राप्त सूची अनुसार चिन्हित बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
कार्यशाला में शिक्षा विभाग से प्रधान पाठक , महिला बाल विकास विभाग से समस्त सुपरवाइजर, प्रबंधक प्ले स्कूल, किंडर गार्डन, श्री सतीश पटेल, सुनील साहू जिला मीडिया प्रभारी, डाटा हैंडलर शैलेंद्र अहिरवार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



