सिवनी मालवा

संपन्न एवं सुद्ढ अर्थव्यवस्था विजन इंडिया 2047 पर कार्यशाला

सिवनी मालवा। शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी मालवा के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित विजन इंडिया 2047 संपन्न एवं सुद्ढ अर्थव्यवस्था पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर आरके रघुवंशी जी के द्वारा बताया गया मजबूत अर्थव्यवस्था ही विकसित राष्ट्र का आधार है। अर्थशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ मोहन सिंह गुर्जर ने बताया विजन 2047 के अंतर्गत अगले 25 वर्षों में विकास का खाका तैयार करने के लिए नीति आयोग को यह कार्य सोपा गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य 18000 से 20000 अमेरिकी डॉलर की प्रति व्यक्ति आय मजबूत सार्वजनिक वित्त एवं वित्तीय क्षेत्र के साथ 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे एवं सुविधाओं का निर्माण करना है। अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री प्रेम नारायण परते द्वारा बताया गया वर्तमान में भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और क्रय शक्ति क्षमता में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का अनुमान है। 2022 तक भारत की जीडीपी का आकार ब्रिटेन और फ्रांस की जीडीपी से भी बड़ा हो चुका है। श्रीमती गीता डोंगरे अर्थशास्त्र विभाग की सहायक अध्यापक ने विजन 2047 के बारे में 2030 तक भारत की जीडीपी जापान और जर्मनी से आगे निकलने की उम्मीद है 2030 तक भारत प्रशांत एशिया क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। डॉ ऋषि चौबे ने बताया भारत में युवा आबादी सर्वाधिक है जो विभिन्न क्षेत्रों के लिए कुशल और उत्पादक कार्य बल प्रदान कर सकती है भारत में 40% से अधिक लोग कम आयु वर्ग के वर्ग के हैं, यह आर्थिक विकास के लिए बड़ा जनसंख्या लाभांश प्रदान कर सकते हैं इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ डॉ.ए.के. यादव डॉ. रमाकांत सिंह, श्री नवनीत सोनारे, श्री कमल अहिरवार, डॉ प्रशांत, श्री एस.के.अग्रवाल, डॉ. अनुराग पाठक एवं अर्थशात्र विभाग छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

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