शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए 12 नवंबर से 2022 से 28 फरवरी 2023 तक चलेगा सांस अभियान
समय रहते करें निमोनिया की पहचान, चैन की सांस लेगा बचपन, जब आप तुरंत पहचानें निमोनिया के लक्षण

नर्मदापुरम । स्वास्थ्य विभाग ने सोशल अवेयरनेस एण्ड एक्शन टू न्यूत्रिलायीज निमोनिया सक्सेसफुली सांस अभियान विश्व निमोनिया दिवस पर जिले में 12 नवम्बर से प्रारंभ हो गया है, अभियान का प्रमुख उद्देश्य शिशुओं में निमोनिया के कारण मृत्यू दर को कम करना है।
5 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों में सबसे अधिक मृत्यु का कारण निमोनिया संक्रमण है, देश में बाल्यकाल में 16.2% मृत्यु निमोनिया के कारण होती है, एसआरएस 2020 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 5 वर्ष की आयु के अंदर मृत्यु दर प्रति 1000 जीवित जन्म दर पर 51 है एवं प्रदेश में लगभग 14000 से अधिक मृत्यु निमोनिया के कारण होती है । प्रदेश का सांस अभियान का लक्ष्य निमोनिया से होने वाली मृत्यु को 3 प्रति हजार जीवित जन्म से कम लेकर आना है, समुदाय में निमोनिया की रोकथाम, बचाव व उपचार हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार 5 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को समुदाय एवं संस्था में संभावित निमोनिया के प्रकारों की सही समय में पहचान ,उपचार एवं आवश्यकता पड़ने पर उचित संस्था में रेफरल किया जाना है। समुदाय में निमोनिया के प्रति कुरीतियों एवं अंधविश्वास में कमी लाए जाने हेतु जन जागरूकता लाना, इस हेतु समुदाय स्तर पर प्रभावी रूप से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण समस्त मैदानी स्वास्थ्य कर्ताओं द्वारा किया जाना, उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर निमोनिया के उपचार हेतु सिरप इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करना सांस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। स्वास्थ्य केंद्रों में मानक पद्धति द्वारा निमोनिया के लक्षण के आधार पर उपचार करना प्रत्येक स्वास्थ्य मैंदानी कार्यकर्ता द्वारा गृह भ्रमण के दौरान 5 वर्ष की आयु वर्ग के बाल्यकाल निमोनिया की पहचान बच्चों की खांसी एवं सांस लेने में कठिनाई होने पर निमोनिया प्रबंधन प्रोटोकॉल का पालन करना, आशा कार्यकर्ता द्वारा गांव के समस्त नवजात शिशु की जांच,वजन, तापमान, सांस की गिनती इत्यादि की जांच करने जैसी गतिविधियां आयोजित होगी।



