महर्षि वाल्मिक कवि ही नही अपितु दिव्य शस्त्रों के ज्ञाता थे . शिव राठौर
विश्व हिंदू परिषद ने महर्षि वाल्मिक जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई

सिवनी मालवा= महर्षि वाल्मिक जयंती पर विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर में वाल्मिक जी की पूजा अर्चना कर किया वाल्मिक बंधुओ का सम्मान ।
उक्त जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद नगर समरसता प्रमुख रविंद्र छिरेले ने बताया कि महर्षि वाल्मिक जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री शिव राठौर बजरंग दल शोर्य जागरण यात्रा जिला प्रभारी सतीष बकोरिया नगर अध्यक्ष डा सौरभ रघुवंशी बजरंग दल नगर संयोजक आदि की उपस्थिति में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर स्थानीय थाने के पीछे स्थित श्री हनुमान मंदिर में भगवान वाल्मिक जी के चित्र को सजाकर दीप जलाकर हार माला चक्र वाल्मिक जी की पूजा अर्चना की गई।
कार्यक्रम में आए वाल्मिक समाज बंधुओ का तिलक लगाकर हार माला पहनाकर मिठाई खिलाकर स्वागत अभिनंदन सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री शिव राठौर ने कहा कि महर्षि वाल्मिक आश्रम माता सीता रही वही लव कुश का जन्म भी आश्रम में हुया।
महर्षि वाल्मिक आध कवि ही नहीं वाल्मिक प्रजापिता प्रचेता के दसवें पुत्र थे वे मात्र कवि नही अपितु दिव्य अस्त्र के ज्ञाता थे
लवकुश को संस्कारित कर प्रशिक्षित करने का कार्य महर्षि वाल्मिक ने किया रामायण जैसे महाकाव्य के वे रचनाकार थे।
महर्षि वाल्मिक एक जाति के ही नही अपितु सारे हिंदू समाज के श्रृद्धा के केंद्र सारे हिंदू समाज भगवान राम से मिलाने वाले हे
राठौर ने कहा की एक हजार वर्ष पहले के शब्द कोष में संस्कृत ग्रंथों में मेहतर शब्द नही मिलता यह सब भ्रांतियां मुगल काल में आई पहले प्रात विधि हेतु बाहर जाते थे मुस्लिम महिलाए पर्दा प्रथा के कारण बाहर नहीं जाति थी 12 वी सदी में मुगलों ने हजारों हिंदुओ का परिवर्तन किया धर्मांतरित महिलाए बुरखे में आई कुछ लोगो ने उनका मेला उठाना स्वीकार किया लेकिन सनातन नही छोड़ा उनका स्वाभिमान भंग हुया इसलिए उन्हे भंगी कहा जाने लगा
वाल्मिक समाज हमारी सभी अनुसूचित जातियां जनजातीय हमारे स्वतंत्रता सेनानी ही यह सभी जातियां देश धर्म के लिए लड़ी ही उन्होंने अस्पृस्यता को स्वीकार किया लेकिन अपना सनातन धर्म नही बदला राठौर ने कहा की वे धर्म योध्या है हम सभी समरस राष्ट का निर्माण में सहभागी बने सभी एकजुट हिंदू बने बजरंग दल जिला प्रभारी सतीश बकोरिया ने कहा की हमारे ऋषि मुनि सनातन के आधार स्तंभ है वालिमक जी ने भगवान श्री राम चंद्र जी को घर घर प्रकटीकरण कराया वे सनातन की आत्मा हे।
कार्यक्रम का संचालन ने नगर सह संयोजक राहुल यादव ने किया।
विश्व हिंदू परिषद वाल्मिक जयंती कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री शिव राठौर बजरंग दल शोर्य जागरण यात्रा जिला प्रभारी सतीश बकोरिया नगर अध्यक्ष डा सौरभ रघुवंशी बजरंग दल नगर संयोजक भुरू बग्गन सह संयोजक राहुल यादव दुर्गा महोरिया रमेश काका भानु तिवारी संजय बर्ड भूरा पाल लक्की पाल भोलाराम कहार धनराज बरदे छोटू झोटे देवेंद्र प्रजापति वीरू गन गोरे सोनू बा तव जानी नागले निक्की राठौर कमल लोवंशी सागर विश्वकर्मा किरण तायडे मोना अग्रवाल कम्मू गौर जितेंद्र मराठे अजय विसोपिया तरुण सुनानिया सुशील शर्मा आदि कार्यकर्ता के साथ ही बड़ी संख्या में नागरिक जन उपस्थित थे।



