कुसुम महाविद्यालय केंद्रीय बजट पर परिचय कार्यक्रम का आयोजन

सिवनी मालवा। शासकीय कुसुम महाविद्यालय सिवनी मालवा के अर्थशास्त्र विभाग की अर्थशास्त्र परिषद द्वारा महाविद्यालय में बजट 2024-25 पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया आयोजन की शुरुआत सरस्वती पूजन से महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर आर के रघुवंशी जी द्वारा की गई। बजट 2024-25 अर्थशास्त्र परिषद के अध्यक्ष एम ए तृतीय वर्ष की छात्रा कुमारी प्राची ठाकुर ने बजट क्या है राजकोषीय घाटा राजस्व घाटा और प्राथमिक घाटे के बारे में बताया। अर्थशास्त्र परिषद के उपाध्यक्ष एम ए प्रथम वर्ष के छात्र इमरान शाह ने बजट के इतिहास के बारे में बताया। अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री प्रेम नारायण परते ने बताया अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटा 2023-24 में 5.8 प्रतिशत से घटकर 2024 25 में 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है साथ ही बजट का निर्धारण कैसे किया जाता है इस पर जानकारी दी। अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती गीता डोंगरे ने बजट की शुरुआत कहां से हुई, बजट की आर्थिक विकास दर के साथ-साथ निवेश की दृष्टि से भारत निवेशकों की पहली पसंद है, भारत अगला चीन बनेगा। जापान का भारत में निवेश उच्चतम स्तर पर है अर्थशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉ मोहन सिंह गुर्जर ने अंतरिम बजट और बजट में अंतर बताया। बजट के लिए कौन-कौन सी मद से कितना रुपया प्राप्त होता है उधर एवं अन्य देयताए से 28%, निगम कर से 17%, आयकर से 19%, एवं जीएसटी से 18%, प्राप्त होता है 24-25 में बजट आवंटन की में ब्याज ब्याज अदायगी पर 20%, केंद्रीय क्षेत्र की योजना पर 16%, पेंशन पर 4%, करो और शुल्कों पर राज्यों का हिस्सा 20% आवंटित किया जाता है महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर आर के रघुवंशी ने अर्थशास्त्र विभाग की अर्थशास्त्र परिषद द्वारा आयोजित बजट चर्चा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था डिजिटल युग में प्रवेश करने से छोटे उद्यमी को बाजार में पहुंच बनाने का मौका मिल गया। इस अवसर पर राजनीति विभाग के विभाग अध्यक्ष एस के अग्रवाल ने भी बजट पर अपने विचार व्यक्त किया। अर्थशास्त्र विभाग के सभी छात्र-छात्राएं अर्थशास्त्र विभाग की पूरी परिषद एवं महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन नवनीत सोनारे द्वारा किया गया।



