स्वामी दयानंद सरस्वती आदर्श स्कूल में बच्चों को दी गई मौलिक अधिकारों की जानकारी
न्यायाधीश सुहागिनी दुग्गल ने छात्र छात्राओं से किया संवाद

शनिवार को स्वामी दयानंद सरस्वती आदर्श विद्यालय में जागरूकता शिविर सह लीगल लिट्रेसी क्लास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीश सुहागनी दुग्गल ने विद्यालय के बच्चों को मौलिक अधिकारों से संबंधित जानकारी दी। शिक्षा से जुड़े अधिकारियों के बारे में भी विद्यालय के बच्चों को उन्होंने जानकारी दी और बताया कि पढ़ने-लिखने का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, जीने का अधिकार, खेलने का अधिकार सहित कई अधिकार बच्चों को संविधान में दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये सभी अधिकार जो मानव को संपूर्ण मानव बनाते हों मौलिक अधिकार में शामिल हैं। बताया गया कि भारतीय संविधान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य भी हैं। हमारा संविधान भारत को एक आदर्श और मजबूत राष्ट्र बनाने की क्षमता रखता है। बच्चों को संविधान निर्माताओं और सेनानियों के आदर्शों का सम्मान करना चाहिए तथा देश ही सर्वोपरि है, इसका हमेशा ध्यान और मान रखना चाहिए।
स्वामी दयानंद सरस्वती आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल सिवनी मालवा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सिविल कोर्ट न्यायाधीश सुहागिनी दुग्गल के द्वारा मां सरस्वती का पूजन करें बच्चों को गुड टच , बैड टच एवं मौलिक अधिकारों व कर्त्तव्यों और कानून संबंधित जानकारी दी गई।
वहीं मौलिक अधिकार, बाल अपराध, महिलाओं के अधिकारों घरेलू हिंसा अधिनियम, लैंगिक संरक्षण अधिनियम, मोटर व्हीकल विभिन्न धाराओं एवं अन्य सामान्य विधि के प्रावधानों के बारे में अवगत कराया गया। छात्राओं ने न्यायाधीश से कानूनी कानून संबंधी प्रश्न पूछे जिनका जवाब उन्हें सरल तरीके से दिया गया।
इस अवसर पर स्वामी दयानंद सरस्वती आदर्श विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार सिंगवाने, ज्योति सिंगवाने, शिक्षक राजेश यादव, संतोष रघुवंशी, प्रमोद कुशवाहा दिनेश बरखने, अजीत वर्मा, अभिषेक शर्मा, श्रीमती अनुराधा गौर, निधि दुबे, मौसम विश्वकर्मा, पूजा राजपूत सहित समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



