नर्मदापुरम गौरीशाह की मजार के अस्तित्व पर सवाल, पूर्व नपाध्यक्ष बोले दोनो समकालीन नहीं थे तो दोस्ती कैसी?
पूर्व नपाध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल ने सतरास्ते हनुमान मंदिर में विधि विधान से किया दश विधि स्नान ,पंचगव्य प्रासन, हेमाद्रि प्रायश्चित यज्ञ

नर्मदापुरम। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल ने बुधवार को सातरास्ते स्थित हनुमान मंदिर में विधि विधान से दश विधि स्नान ,पंचगव्य प्रासन, हेमाद्रि प्रायश्चित यज्ञ किया। पूर्व नपाध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने बताया कि ग्वालटोली स्थित गौरी शाह की दरगाह पर रामजीबाबा मेले के दौरान नगर पालिका परिषद द्वारा चादर चढ़ाई जाती थी। पिछले 20 से 25 वर्षों से रामजी बाबा और गौरी शाह की दोस्ती की मिसाल के तौर पर मेले के शुभारंभ में चादर चढ़ने की परम्परा है। मेरे अध्यक्ष रहते हुए मैंने भी इस परंपरा का निर्वाह किया था। इसलिए आज मैंने हनुमानजी के दरबार में प्रायश्चित यज्ञ किया। संत रामजीबाबा और गौरीशाह समकालीन ही नहीं थे तो दोस्ती का सवाल ही नहीं उठता है और जिस मजार पर चादर जाती है अब तो उसके अस्तित्व पर ही प्रश्न वाचक है। वर्ष 2014 -2019 तक नपाध्यक्ष रहते हुए मेरे द्वारा चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रामजीबाबा मेले के शुभारंभ पर गौरी शाह की दरगाह पर चादर चढ़ाई थी। परंतु विगत कुछ दिनों से जब सत्यता सामने आई तो मुझे उस परम्परा के सहभागी बनने पर अफसोस हुआ है। एक झूठ के आधार पर बनी परम्परा का निर्वाह करते हुए शायद उस झूठ को सच करने में अपने को सहभागी पाया, वर्तमान में जब मालूम पड़ा कि संत रामजीबाबा और गौरी शाह समकालीन ही नहीं थे तो दोस्ती का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि जिस मजार पर चादर जाती है उसका अस्तित्व ही प्रश्न वाचक है। मैंने अपने अज्ञान के कारण किए अपने कृत्य पर प्रायश्चित किया है तमाम लोगों से सलाह करने पर इसके लिए प्रायश्चित करने के लिए प्रायश्चित यज्ञ करने का कहा गया था। इस गलती के लिए ईश्वर से क्षमा याचना यज्ञ के माध्यम से की है। सातरास्ते स्थित हनुमान मंदिर में पंडित अविनाश मिश्रा ने दश विधि स्नान ,पंचगव्य प्रासन,हेमाद्रि प्रायश्चित संकल्प एवं यज्ञ कराया। इस अवसर पर भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक पं. दिनेश तिवारी , आलोक शर्मा , अनिल दुबे , मनीष परदेशी , रूपेश राजपूत उपस्थित थे।



